मंगलवार, 18 मार्च 2014

जिद्दी लड़के

क्रांति के सिलाई मशीन पर 
सीते है वो कफ़न 
जहर उनके जीभ तले होता है 
वो जिद्दी लड़के होते हैं 
जिद्दी होते हैं उनके अरमान 

जिद्दी लड़के फाड़ सकते हैं
अपने मेट्रिक का सर्टिफिकेट
छोड़ सकते हैं अपना घर
दरवाजे पर लात मारकर
कर सकते हैं किसी से टूटके प्यार
हजम कर सकते हैं कड़वा से कड़वा सच
जिद्दी लड़के ज़माने को ठोकरों पे रखते हैं
जिद्दी लड़के नाखुनो की तरह चबाकर फ़ेंक देते हैं अपनी किस्मत
घर के कूड़ेदान में
अपनी कुण्डलियाँ जलाकर
घर से दूर कर देते है दकियानूसी कीड़े
जिद्दी लड़के
चाकुओं से हथेलियों पर किस्मत लिखते हैं
जिद्दी लड़के
जिद्दी होते हैं
कोई सिस्टम कोई कानून
उनके जिद के आगे नहीं टिकता
इसलिए जिद्दी लड़के सूली पे चढ़ाये जाते हैं
क्यूंकि वो जिद्दी होते हैं
लेकिन जिद्दी लड़के कभी मरते नहीं
सिर्फ लड़के मरते हैं
जिद्दी लड़के ज़िंदा ज़िंदा से रहते है
हिस्ट्री के टेक्स्टबुक में
या रंग बिरंगी टी-शर्टों पर
शान से घूरते हुए
मुस्कुराते हुए

अराहान

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